सैड स्टेटस हिंदी | Sad Status in Hindi 2022

Gam Bhari Shayari

सैड स्टेटस हिंदी | Sad Status in Hindi  2022

रो पड़ा वो फकीर भी

मेरे हाथों की लकीरें देखकर

बोला तुझे मौत नही

किसी की याद मारेगी।।


मैंने कभी किसी को आजमाया नही,

जितना प्यार दिया उतना कभी पाया नही,

किसी को हमारी भी कमी महसूस हो,

शायद खुदा ने मुझे ऐसा बनाया नही।


प्यार किया नादान थे हम,

गलती हुई क्योंकि इंसान थे हम,

आज जिन्हें नज़रें मिलाने में तकलीफ होती है

कभी उसकी जान थे हम !


हर कोई मुझे जिंदगी जीने का तरीका बताता है

उन्हें कैसे समझाऊं की कुछ ख़्वाब

अधूरे हैं वरना जीना मुझे भी आता है।


सारे जमाने में बंट गया ‘वक्त उनका’

हमारे हिस्से में सिर्फ बहाने ही आए.!


नही कोई इस जहां में मुझे समझने वाला

एक आस थी तुझे वो भी टूट गई…


ऑंखें तो प्यार में दिल की जुबान होती हैं,

सच्ची चाहत तो सदा बे जुबान होती है,

प्यार में दर्द भी मिले तो मत घबराना,

सुना है दर्द से चाहत और जवान होती है.


कहाँ कोई ऐसा मिला जिस पर हम दुनिया लुटा देते,

हर एक ने धोखा दिया, किस-किस को भुला देते,

अपने दिल का ज़ख्म दिल में ही दबाये रखा,

बयां करते तो महफ़िल को रुला देते.


न कर तू इतनी कोशिसे,

मेरे दर्द को समझाने की,

पहले इश्क कर फिर जख्म खा,

फिर लिख दवा मेरे दर्द की.


कभी कभी मोहब्बत में वादे टूट जाते हैं,

इश्क़ के कच्चे धागे टूट जाते हैं,

झूठ बोलता होगा कभी चाँद भी,

इसलिए तो रुठकर तारे टूट जाते हैं.


तुझे इस तरह यू भुला ना सकेंगे,

तेरे अलावा किसी की अपना ना सकेंगे,

तू ही मेरी ज़िन्दगी मेरी जान है,

तेरी मोहब्बत का दाग हम धुला ना सकेंगे.


वो तो अपने दर्द रो-रो कर सुनाते रहे,

हमारी तन्हाईयों से आँखें चुराते रहे,

और हमें बेवफ़ा का नाम मिला,

क्योंकि हम हर दर्द मुस्कुरा कर छिपाते रहे.


अपनो की पाने की चाह में,

हमने खुद को इस कदर खो दिया,

ज़िन्दगी बची है अब चंद पलो की,

ये दिल भी मेरा खून के आंसू रो लिया.


जो मेरा था वो मेरा हो नहीं पाया,

आँखों में आंसू भरे थे पर मैं रो नहीं पाया,

एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि,

हम मिलेंगे ख़्वाबों में पर मेरी बदकिस्मती तो देखिये,

उस रात तो मैं ख़ुशी के मारे सो भी नहीं पाया.


तेरे दिल के करीब आना चाहता हूँ मैं,

तुझको नहीं और अब खोना चाहता हूँ मैं,

अकेले इस तनहाई का दर्द बर्दाश्त नहीं होता,

तू एक बार आजा तुझसे लिपट कर रोना चाहता हूँ मैं.


तलाश कर मेरी कमी को अपने दिल में,

दर्द हो तो समझ लेना रिश्ता अभी बाकी है।


समेट ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे किस्से,

अगली मोहब्बत में तुम्हे फिर इनकी जरूरत पड़ेगी।


वो नाराज हो जाए तो बेचैन हो जाते हैं हम…

हम खफा हो जाए तो वो

वजह तक नही पूछते।


मज़ा चख लेने दो उसे गैरों की मोहब्बत का भी

इतनी चाहत के बाद जो मेरा ना हुआ वो औरों का क्या होगा।


कितना और दर्द देगा बस इतना बता दे,

ऐसा कर ऐ खुदा मेरी हस्ती मिटा दे,

यूं घुट घुट के जीने से तो मौत बेहतर है,

मै कभी न जागूं मुझे ऐसी नीद सुला दे।


अब टूट गया दिल तो बवाल क्या करें,

खुद ही किया था पसंद अब सवाल क्या करें!


गहरी थी रात लेकिन हम खोए नही,

दर्द बहुत था दिल में मगर हम रोए नही,

कोई नही हमारा जो पूछे हमसे,

जाग रहे हो किसी के लिए या किसी के लिए सोए नही…


साथ मांगा मिला नही

खुशी मांगी मिली नही

प्यार मांगा किस्मत में था नही

और दर्द बिन मांगे ही मिल गया।


दर्द दे गए सितम भी दे गए,

ज़ख़्म के साथ वो मरहम भी दे गए,

दो लफ़्ज़ों से कर गए अपना मन हल्का,

और हमें कभी ना रोने की कसम दे गए.


तुम क्या लगा पाओगे ?

अंदाज़ मेरी तबाही का,

तुमने देखा कहाँ है

मुझको शाम के बाद.


अपनी आँखों के समंदर में उत्तर जाने दे,

तेरा मुज़रिम हूँ मुझे डूब के मर जाने दे,

ज़ख़्म कितने तेरी चाहत से मिले हैं मुझको,

सोचता हूँ कहूँ तुझसे, मगर जाने दे.


दर्द काफी है बेखुदी के लिए,

मौत काफी है ज़िन्दगी के लिए,

कौन मरता है किसी के लिए,

हम तो ज़िंदा है आपके लिए.


कैसे बयान करें आलम दिल की बेबसी का,

वो क्या समझे दर्द आंखों की इस नमी का,

उनके चाहने वाले इतने हो गए हैं अब कि,

उन्हे अब एहसास ही नहीं हमारी कमी का.


दिल में जो दर्द है वो दर्द किसे बताएं,

हँसते हुए ये जख्म किसे दिखायें,

कहती है ये दुनिया हमे खुश नसीब,

मगर इस नसीब की दास्तान किसे सुनाएँ.


जिंदगी भर दर्द से जीते रहे,

दरिया पास था आंसुओं को पीते रहे,

कई बार सोचा कह दू हाल-ए-दिल उससे,

पर न जाने क्यूँ हम होंठो को सीते रहे.


मोहब्बत का मेरे सफ़र आखिरी है,

ये कागज़ कलम ये गज़लआखिरी है,

मैं फिर न मिलूँगा कहीं ढूढ लेना,

तेरे दर्द का अब ये असर आखिरी है.


वो करीब ही न आये तो इज़हार क्या करते,

खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते,

मर गए पर खुली रखी आँखें,

इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते.


महफ़िल में हँसना मेरा मिज़ाज़ बन गया,

तन्हाई में रोना एक राज़ बन गया,

दिल के दर्द को चेहरे से ज़ाहिर न होने दिया,

यही मेरे जीने का अंदाज़ बन गया.


ज़ख्म जब मेरे सीने के भर जाएंगे,

आंसू भी मोती बन के बिखर जाएंगे,

ये मत पूछना किसने दर्द दिया,

वरना कुछ अपनों के सर झुक जाएंगे.


इस बहते दर्द को मत रोको,

यह तो सज़ा है किसी के इंतज़ार की,

लोग इन्हे आँसू कहे या दीवानगी,

पर यह तो निशानी है किसी के प्यार की.


एक अजीब सा मंजर नज़र आता है,

हर एक आँसूं समंदर नज़र आता है,

कहाँ रखूं मैं शीशे सा दिल अपना,

हर किसी के हाथ मैं पत्थर नज़र आता है.


कभी कभी मोहब्बत में वादे टूट जाते हैं,

इश्क़ के कच्चे धागे टूट जाते हैं,

झूठ बोलता होगा कभी चाँद भी,

इसलिए तो रुठ कर तारे टूट जाते हैं.


कांटो सी चुभती है तन्हाई,

अंगारों सी सुलगती है तन्हाई,

कोई आ कर हम दोनों को ज़रा हँसा दे,

मैं रोता हूँ तो रोने लगती है तन्हाई.


प्यार सभी को जीना सिखा देता है,

वफ़ा के नाम पे मरना सिखा देता है,

प्यार नहीं किया तो करके देख लो यार,

ज़ालिम हर दर्द सहना सिखा देता है.


हर ख़ुशी के पहलू हाथों से छूट गए,

अब तो खुद के साये भी हमसे रूठ गए,

हालात हैं अब ऐसे ज़िंदगी में हमारी,

प्यार की राहों में हम खुद ही टूट गए.


ख़ामोश फ़ज़ा थी कहीं साया भी नहीं था

इस शहर में हमसा कोई तनहा भी नहीं था

किस जुर्म पे छीनी गयी मुझसे मेरी हँसी

मैंने किसी का दिल तो दुखाया भी नहीं था..


प्यार सभी को जीना सिखा देता है

वफा के नाम पर मरना सिखा देता है,

प्यार नहीं किया तो कर के देख लो यारों

जालिम हर दर्द सहना सिखा देता है..,


जीते थे हम भी कभी शान से

महक उठी थी जिंदगी किसी के नाम से

मगर फिर गुज़रे उस मुकाम से

कि नफ़रत सी हो गई मोहब्बत के नाम से


इश्क़ की नासमझी में

हम अपना सबकुछ गवां बैठे,

उन्हें खिलौने की जरूरत थी…

और हम अपना दिल थमा बैठे!!


छोड़ते भी नही हाथ मेरा और

थामते भी नही

ये कैसी मोहब्बत है उनकी

गैर भी नही कहते हमे और

अपना मानते भी नही!!


तू मेरे बिना ही खुश है

तो शिकायत कैसी,

अब मैं तुझे खुश भी ना देखूं

तो मोहब्बत कैसी!


जब आख़िरी मुलाकात हो तो हंस

कर देख लेना मुझे, क्या पता

अगली बार तुम हमें कफन में

देखो और मुस्कुरा भी ना पाओ।


लगी है चोट दिल पे दिखा नही सकते,

भुलाना भी चाहे तो भुला नही सकते,

मोहब्बत का अंजाम यही होता है

जिसके लिए तरसते हैं उसे पा नही सकते


कभी कभी करते हैं जिंदगी की तमन्ना

कभी मौत का इंतजार करते हैं,

वो हमसे क्यों दूर हैं पता नही, जिन्हें हम

जिंदगी से भी ज्यादा प्यार करते हैं..🥀


नफ़रत करना तो हमने कभी सीखा ही नहीं,

मैंने तो दर्द को भी चाहा है अपना समझ कर.

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दिल को ऐसा दर्द मिला जिसकी दवा नहीं,

फिर भी खुश हूँ मुझे उस से कोई शिकवा नहीं,

और कितने अश्क बहाऊँ अब उस के लिए,

जिसको खुदा ने मेरी किस्मत में लिखा ही नहीं.


कौन कहता है नफ़रतों में दर्द है मोहसिन,

कुछ मोहब्बतें भी बड़ी दर्द नाक होती है.


शीशा तो टूट कर, अपनी कशिश बता देता है,

दर्द तो उस पत्थर का हैं, जो टुटने के काबिल भी नही.


यूँ तो हर एक दिल में दर्द नया होता है,

बस बयान करने का अंदाज़ जुदा होता है,

कुछ लोग आँखों से दर्द को बहा लेते हैं

और किसी की हँसी में भी दर्द छुपा होता है.


मेरे इस दर्द की वजह भी वो हैं,

और मेरे दर्द की दवा भी तो वो हैं,

वो नमक ज़ख्मों पे लगाते हैं तो क्या,

मोहब्बत करने की वजह भी तो वो हैं.


एक नया दर्द मेरे दिल में जगा कर चला गया,

कल फिर वो मेरे शहर में आकर चला गया,

जिसे ढूंढते रहे हम लोगों की भीड़ में,

मुझसे वो अपने आप को छुपा कर चला गया.


आरजू नहीं के ग़म का तूफान टल जाये,

फ़िक्र तो ये है तेरा दिल न बदल जाये,

भुलाना हो अगर मुझको तो एक एहसान करना,

दर्द इतना देना कि मेरी जान निकल जाये.


दिल में है जो दर्द वो दर्द किसे बताएं,

हंसते हुए ये ज़ख्म किसे दिखाएँ,

कहती है ये दुनिया हमे खुश नसीब,

मगर इस नसीब की दास्ताँ किसे बताएं.


लोग कहते है हम मुस्कुराते बहुत है,

और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते।


शमा जाओ मुझ में तो पता लगे कि दर्द क्या है?

ये वो किस्सा है जो जुबान से बयाँ नही होता।


बहुत दर्द हैं ऐ जान-ए-अदा तेरे इश्क में,

कैसे कह दूँ कि तुझे वफ़ा निभानी नहीं आती।


वो जान गयी थी हमें दर्द में मुस्कराने की आदत है,

देती थी नया जख्म वो रोज मेरी ख़ुशी के लिए।


आवाज़ में ठहराव था आँखों में नमी सी थी,

और कह रहा था मैंने सब कुछ भुला दिया।


इलाजे-दर्दे-दिल तुमसे मेरे मसीहा हो नहीं सकता,

तुम अच्छा कर नहीं सकते मैं अच्छा हो नहीं सकता।


ज़ख्म दे कर ना पूछ तू मेरे दर्द की शिद्दत,

दर्द तो फिर दर्द है कम क्या ज्यादा क्या।


बेवफा वक़्त था..?तुम थे..?

या मुकद्दर था मेरा..?

बात इतनी ही है कि अंजाम जुदाई निकला ।


तेरे मेरे बीच कुछ भी आखिरी नही..!

सिवाय आख़िरी सांस के..!!


इश्क़ में यार का किरदार मत पूछिए

मरने वालों से खंजर की धार मत पूछिए


उसका मन देखकर मन लगा बैठे

मन से मन मिला तो वो तंग आ बैठे।


प्यार के उजाले में गम का अंधेरा आता क्यों है?

जिसको हम चाहे वही रुलाता क्यों है?

अगर वह मेरा नसीब नही?

तो खुदा ऐसे लोगों से मिलाता क्यों है।


हँसते हुए ज़ख्मों को भुलाने लगे हैं हम,

हर दर्द के निशान मिटाने लगे हैं हम,

अब और कोई ज़ुल्म सताएगा क्या भला,

ज़ुल्मों सितम को अब तो सताने लगे हैं हम.


अजीब लगा यूं उनका मुझको छोड़ के जाना,

ना सुना कुछ और कहा भी कुछ नहीं,

आसान नहीं था यूं उनसे जुदा होकर रहना,

फिर जुदा होकर अब कुछ रहा भी नहीं.


वक्त नूर को बेनूर कर देता है,

छोटे से जख्म को नासूर कर देता है,

कौन चाहता है अपनों से दूर होना,

लेकिन वक्त सबको मजबूर कर देता है.


ज़हर देता है कोई, कोई दवा देता है,

जो भी मिलता है मेरा दर्द बढ़ा देता है.


तेरी आरज़ू मेरा ख्वाब है ऐ सनम

जिसका रास्ता बहुत खराब है,

मेरे ज़ख्म का अंदाज़ा तू न लगा,

दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है.


दुनिया में किसी से कभी प्यार मत करना,

अपने अनमोल आँसू इस तरह बेकार मत करना,

कांटे तो फिर भी दामन थाम लेते हैं,

फूलों पर कभी इस तरह तुम ऐतबार मत करना.


अब ये भी नहीं ठीक के हर दर्द मिटा दें,

कुछ दर्द तो कलेजे से लगाने के लिए हैं,

ये इल्म का सौदा, ये रिसाले, ये किताबें,

एक शख्स की यादों को भुलाने के लिए हैं.


ना मेरा दिल बुरा था

ना उसमे कोई बुराई थी

बस नसीब का खेल है,

क्योंकि किस्मत में जुदाई थी।।


एक दिन हम भी कफन ओढ़ जायेंगे,

सब रिश्ते इस जमीन के तोड़ जायेंगे

जितना जी चाहे सता लो मुझको

एक दिन रोता हुआ सबको छोड़ जायेंगे।


ना आंसूओं से छलकते हैं

ना काग़ज़ पर उतरते हैं,

दर्द कुछ होते हैं ऐसे जो बस

भीतर ही भीतर पलते हैं…


तुम पर भी यकीन है और

मौत पर भी एतबार है,

देखते हैं पहले कौन मिलता है

हमें दोनों का इंतजार है।


अगर वो खुश है देखकर आंसू मेरी आंखों में

तो रब की कसम हम मुस्कुराना छोड़ देंगे

तड़पते रहेंगे उसे देखने के लिए

लेकिन उसकी तरफ नज़रें उठाना छोड़ देंगे।


टूट जायेगी तुम्हारी

जिद की आदत भी उस दिन,

जब पता चलेगा की

याद करने वाला अब याद बन गया🙂


सुना भी कुछ नही,

कहा भी कुछ नही,

पर ऐसे बिखरे हैं जिंदगी की कश्मकश में…

कि टूटा भी कुछ नही,

और बचा भी कुछ नही…


हम हंसते तो हैं लेकिन सिर्फ

दूसरों को हंसाने के लिए

वरना ज़ख्म तो इतने हैं कि

ठीक से रोया भी नही जाता।


तुम्हें पा लेते तो किस्सा खत्म हो जाता,

तुम्हें खोया है तो यकीनन कहानी लंबी चलेगी।


तुम मेरी लाश पर रोने मत आना

मुझसे बहुत प्यार था ये जताने मत आना

दर्द दो मुझे जब तक दुनिया में हूं

जब सो जाऊं फिर जगाने मत आना


खुद ही रोए और खुद ही चुप हो गए,

ये सोचकर की कोई अपना होता तो रोने ना देता!!


जरा सी गलतफहमी पर

न छोड़ो किसी अपने का दामन

क्योंकि जिंदगी बीत जाती है

किसी को अपना बनाने में


आँसू भी आते हैं और

दर्द भी छुपाना पड़ता है

ये जिंदगी है साहब यहां

जबरदस्ती भी मुस्कुराना पड़ता है।


अदाएं कातिल होती हैं

आँखें नशीली होती हैं,

मोहब्बत में अक्सर होंठ सूखे होते हैं

और आँखे गीली होती हैं।


जहर की भी जरुरत नहीं पड़ी

हमें मारने के लिए, तुम्हारे ऐसे

बर्ताव ने ही हमें मार डाला।


दुआ करना दम भी उसी

दिन निकले,

जिस दिन तेरे दिल से हम

निकले💔


आधा ख्वाब, आधा इश्क़, आधी

सी है बंदगी,

मेरे हो…पर मेरे नही.. कैसी है ये

जिंदगी…


इस तरह मिली वो मुझे सालों के बाद

जैसे हक़ीक़त मिली हो ख्यालों के बाद

मैं पूछता रहा उस से ख़तायें अपनी

वो बहुत रोई मेरे सवालों के बाद।


अगर खुदा ने पूछा तो कह देंगे, हुई थी

मोहब्बत, मगर जिससे हुई

हम उसके काबिल न थे,,,😔


मुझे बहुत प्यारी है तुम्हारी दी

हुई हर एक निशानी,

अब चाहे वो दिल का दर्द हो या

आँखों का पानी..!!


अपना बनाकर फिर कुछ दिन में

बेगाना बना दिया,

भर गया दिल हमसे तो मजबूरी

का बहाना बना दिया।

Gam Bhari Shayari 

आज फिर तेरी याद आयी बारिश को देख कर,

दिल पे ज़ोर न रहा अपनी बेबसी को देख कर,

रोये इस कदर तेरी याद में,

कि बारिश भी थम गयी मेरी बारिश को देख कर.


दिल का दर्द हमारा भी अब

सारी हदें आर पार कर रहा है,

दिलबर भी कितना संगदिल है

एक जुर्म को बार बार कर रहा है.


इस दिल की दास्ताँ भी बड़ी अजीब होती है,

बड़ी मुस्किल से इसे ख़ुशी नसीब होती है,

किसी के पास आने पर ख़ुशी हो न हो,

पर दूर जाने पर बड़ी तकलीफ होती है.


आरज़ू नहीं के गम का तूफान टल जाये,

फ़िक्र तो ये है तेरा दिल न बदल जाये,

भुलाना हो अगर मुझको तो एक अहसान करना,

दर्द इतना देना के मेरी जान निकल जाये.


बहुत अजीब हैं ये बंदिशें मोहब्बत की,

कोई किसी को टूट कर चाहता है,

और कोई किसी को चाह कर टूट जाता है.


इन ग़म की गलियों में

कब तक ये दर्द हमें तड़पाएगा,

इन रस्तों पे चलते-चलते

हमदर्द कोई मिल जाएगा.


मेरे दिल का दर्द किसने देखा है,

मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है,

हम तन्हाई में बैठे रोते हैं,

लोगों ने हमें महफ़िल में हँसते देखा है.


हर सितम सह कर कितने ग़म छिपाये हमने,

तेरी खातिर हर दिन आँसू बहाये हमने,

तू छोड़ गया जहाँ हमें राहों में अकेला,

बस तेरे दिए ज़ख्म हर एक से छिपाए हमने.


बेनाम सा ये दर्द ठहर क्यों नहीं जाता,

जो बीत गया है वो गुजर क्यों नहीं जाता,

वो एक ही चेहरा तो नहीं सारे जहाँ में,

जो दूर है मुझसे वो दिल से उतर क्यों नहीं.


तुझसे बिछड़ने के बाद कभी खुश ना हो पाया मै,

तेरी यादों को दिल से ना मिटा पाया मै,

करना तो चाहता था बहुत कुछ अपने लिए,

फ़ुरसत ना निकाल पाया अपने लिए मै.


बिन बताये उसने ना जाने क्यों ये दूरी कर दी,

बिछड़ के उसने मोहब्बत ही अधूरी कर दी,

मेरे मुकद्दर में ग़म आये तो क्या हुआ,

खुदा ने उसकी ख्वाहिश तो पूरी कर दी.


वो रात दर्द और सितम की रात होगी,

जिस रात रुखसत उनकी बारात होगी,

उठ जाता हूँ मैं ये सोचकर नींद से अक्सर,

कि एक गैर की बाहों में मेरी सारी कायनात होगी.


ग़म इसका नहीं कि तू मेरा न हो सका,

मेरी मोहब्बत में मेरा सहारा ना बन सका,

ग़म तो इसका भी नहीं कि सुकून दिल का लुट गया,

ग़म तो इसका है कि मोहब्बत से भरोसा ही उठ गया.


दिल का दर्द एक राज बनकर रह गया,

मेरा भरोसा मजाक बनकर रह गया,

दिल के सौदागरों से दिल्लगी कर बैठे,शायद

इसलिए मेरा प्यार इक अल्फाज बनकर रह गया.


मुझे दर्द-ए-इश्क़ का मज़ा मालूम है,

दर्द-ए-दिल की इन्तहा मालूम है,

ज़िंदगी भर मुस्कुराने की दुआ मत देना,

मुझे पल भर मुस्कुराने की सज़ा मालूम है.


प्यार मुहब्बत का सिला कुछ नहीं,

एक दर्द के सिवा मिला कुछ नहीं,

सारे अरमान जल कर ख़ाक हो गए,

लोग फिर भी कहते हैं जला कुछ भी नहीं.


न वो सपना देखो जो टूट जाये,

न वो हाथ थामो जो छूट जाये,

मत आने दो किसी को करीब इतना,

कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये.


जिस दिल पे चोट न आई कभी,

वो दर्द किसी का क्या जाने,

खुद शम्मा को मालूम नहीं,

क्यूँ जल जाते हैं परवाने.


एक लफ्ज़ उनको सुनाने के लिए,

कितने अल्फ़ाज़ लिखे हमने ज़माने के लिए,

उनका मिलना ही मुक़द्दर में न था,

वर्ना क्या कुछ नहीं किया उनको पाने के लिए.


ना किया कर अपने दर्द को

शायरी में बयान ऐ दिल,

कुछ लोग टूट जाते हैं

इसे अपनी दास्तान समझकर.


जहाँ खामोश फिजा थी, साया भी न था,

हमसा कोई किसी जुर्म में आया भी न था,

न जाने क्यों छिनी गई हमसे हंसी,

हमने तो किसी का दिल दुखाया भी न था.


हम ने कब माँगा है तुम से

अपनी वफ़ाओं का सिला,

बस दर्द देते रहा करो

मोहब्बत बढ़ती जाएगी.


दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता,

रोता है दिल जब वो पास नहीं होता,

बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में,

और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता.


दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता,

रोता है दिल जब वो पास नहीं होता,

बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में,

और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता.


तेरी आरज़ू मेरा ख्वाब है,

जिसका रास्ता बहुत खराब है,

मेरे ज़ख्म का अंदाज़ा न लगा,

दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है.


मोहब्बत का मेरे सफर आख़िरी है,

ये कागज कलम ये गजल आख़िरी है,

मैं फिर ना मिलूँगा कहीं ढूंढ लेना,

तेरे दर्द का अब ये असर आख़िरी है.


दर्द से हाथ न मिलाते तो और क्या करते,

गम में आँसू न बहते तो और क्या करते,

उसने मांगी थी हमसे रौशनी की दुआ,

हम अपना दिल न जलाते तो और क्या करते.


सजा कैसी मिली हमको तुझसे दिल लगाने की,

रोना ही पड़ा जब कोशिश की मुस्कुराने की,

कौन बनेगा यहाँ मेरी दर्द भरी रातों का हमराज,

दर्द ही मिला है जो तूने कोशिश की आजमाने की.


ना कर तू इतनी कोशिशे,

मेरे दर्द को समझने की,

पहले इश्क़ कर, फिर ज़ख्म खा,

फिर लिख दवा मेरे दर्द की.


बिछड़ के तुम से ज़िंदगी सज़ा लगती है,

यह साँस भी जैसे मुझ से ख़फ़ा लगती है,

तड़प उठता हूँ मैं दर्द के मारे,

ज़ख्मों को जब तेरे शहर की हवा लगती है,

अगर उम्मीद-ए-वफ़ा करूँ तो किस से करूँ,

मुझ को तो मेरी ज़िंदगी भी बेवफ़ा लगती है.


उन लोगों का क्या हुआ होगा

जिनको मेरी तरह गम ने मारा होगा

किनारे पर खड़े लोग क्या जाने

डूबने वाले ने किस किस को पुकारा होगा।।


वो नही आती पर अपनी निशानी भेज देती है,

ख्वाबो में दास्ताँ पुरानी भेज देती है,

उसकी यादों के पल कितने भी मीठे हैं,

मगर कभी कभी आँखों में पानी भेज देती है।


जाने लागे जब वो छोड़ के दामन मेरा,

टूटे हुए दिल ने एक हिमाक़त कर दी,

सोचा था कि छुपा लेंगे ग़म अपना,

मगर कमबख्त आँखों ने बगावत कर दी।


कभी रो के मुस्कुराए

कभी मुस्कुरा के रोए

जब भी तेरी याद आई तुझे भुला के रोए

एक तेरा ही तो नाम था जिसे हज़ार बार लिखा

जितना लिख के खुश हुए उस से ज़यादा मिटा के रोए.


ऐसे गये दिल की ज़मी बंजर कर के

आज तक कोई फूल ना खिल सका

बस्ती बस्ती लोग मिले हमराह मगर

फिर कभी तेरा पता ना मिल सका..


ज़िंदगी रही तो याद सिर्फ

तुम्हे ही करते रहेंगे

भूल गए तो समझ जाना

अब हम ज़िंदा नही रहे।।


ना कोई मंजिल है ना

कोई किनारा है,

ना हम किसी के ना कोई

हमारा है..!!


हम बहुत हंसते थे,

जिंदगी ने आज रोना सीखा दिया,,

सबके साथ बैठना अच्छा लगता था,

आज अकेले रहना सीखा दिया,,

बात करने का शौक तो बहुत था, पर

जिंदगी ने आज चुप रहना सीखा दिया,,,


सोचा था हर दर्द बताएंगे

तुमसे मिलकर

तुमने तो इतना भी नही पूछा कि

तुम खामोश क्यों हो…


ग़म के दरिया से मिलकर बना है यह सागर,

तुम क्यों इसमें समाने की कोशिश करते हो,

कुछ नहीं है और इस जीवन में दर्द के सिवा,

तुम क्यों ज़िंदगी में आने की कोशिश करते हो।


आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा

कश्ती के मुसाफिर ने समंदर नहीं देखा

पत्थर मुझे कहता है मेरा चाहने वाला

मैं मोम हूँ उसने मुझे छू कर नहीं देखा..


हमें नही आता अपने दर्द का दिखावा करना

बस अकेले रोते हैं, और सो जाते हैं…


गुनाह मालूम नही…!!!

पर सजा लाज़वाब मिली है..!!!


किसी को इश्क़ की अच्छाई ने मार डाला,

किसी को इश्क़ की गहराई ने मार डाला,

करके इश्क़ कोई ना बच सका,

जो बच गया उसे तन्हाई ने मार डाला।


जब फुरसत मिले चाँद से मेरे दर्द की कहानी पूछ लेना,

सिर्फ एक वो ही है मेरा हमराज तेरे जाने के बाद।


तजुर्बे ने एक ही बात सिखाई है,

नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है।

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