तिरंगा शायरी इन हिंदी

दोस्तों, आज की इस पोस्ट में हम तिरंगे झंडे पर शायरी लेकर आये है। दोस्तों 15 अगस्त के दिन दिन तिरंगा बहुत गर्व से फहराया जाता है। दोस्तों इस पोस्ट में आपको तिरंगा शायरी इन हिन्दी में मिलेगी। आप इस शायरी को सोशल मीडिया पर शेयर कर सकते है। उम्मीद है कि आपको यह शायरी बहुत पसंद आएगी।
Indian Flag

तिरंगा शायरी 2021 इन हिंदी 

जिद पे आ जाए , तो रुख मोड़ दे तूफानों के

तुमने तेवर नही देखे , अभी ‘तिरंगे’ के दीवानों के

 

शहीदों का कफन हूं, शहादत -ए -वतन हूं

तीन रंगों में रंगा अमन हूं, शहादत की आग में जला हूं

आजादी के असफ़ार में बड़ी दूर तलक चला हूं

 

गली – गली में हम तिरंगा लहराएगें

आजादी का पर्व हम शान से मनाएगें

 

है अमन की पहचान यह मेरा देश का झंडा

लहराए आसमान पर यह भारत का तिरंगा

 

सो गये जो ओढ़ तिरंगा, भारत माँ की गोद मे

होंगे ऐसे वीर पैदा फिर, सी माँ की कोख में

 

नई कहानी लिखकर लौटे आन-बान-सम्मान की

अम्बर में लहराए तिरंगा खुश्बू हिन्दुस्तान की

 

मेरे देश तुझको नमन है मेरा

जीऊं तो जुबां पर नाम हो तेरा

मरूं तो तिरंगा कफन हो मेरा

 

आन देश की ओर शान देश की

देश की हम सब संतान हैं

तीन रंगों से रंगा हुआ तिरंगा

यह हम सब की पहचान हैं

 

गर अपनी #माँ का दूध पिया है

क्यों नहीं युद्ध के #मैदान में आता है

जो छिप कर वार करे हम पर

वह कायर "गीदड़" कहलाता है

 

जिद पे आ जाए , तो रुख मोड़ दे तूफानों के .!

तुमने तेवर नही देखे , अभी 'तिरंगे' के दीवानों के ..!! "

 

#शहीदों का कफन हूं, शहादत -ए -वतन हूं,

तीन रंगों में रंगा अमन हूं, #शहादत की आग में जला हूं,

आजादी के #असफ़ार में बड़ी दूर तलक चला हूं,

 

#सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे #दिल में है

देखना है ज़ोर कितना #बाज़ू-ए-क़ातिल में है

 

देश की #हिफाजत मरते दम तक करेंगे

दुश्मन की हर गोली का हम #सामना करेंगे

आजाद हैं और #आजाद ही रहेंगें

"जय हिन्द" !!

 

गली - गली में हम #तिरंगा लहराएगें,

आजादी का #पर्व हम शान से मनाएगें।

 

है अमन की पहचान यह मेरा देश का झंडा,

लहराए आसमान पर यह भारत का तिरंगा।

 

सारे जहाँ से अच्छा 'हिन्दोस्ताँ' हमारा

हम बुलबुलें हैं इस की ये #गुलसिताँ हमारा

 

जो लड़ा था #सिपाहियों की तरह

ऐसा भारत में कोई Eबादशाह ना हुआ

रूह तो हो गयी थी तंन से जुदा

हाथ 'तलवार' से जुदा ना हुआ..

 

#इंडियन होने पर करिए गर्व

मिलके मनाएं Eलोकतंत्र का पर्व

देश के #दुश्मनों को मिल के हराओ

घर घर पर 'तिरंगा' लहराओ

"यह हिन्द जय भारत"

 

अपनी जान को हम #वतन के नाम कर देंगे,

'स्वतंत्र' देश का नाम रौशन कर देंगे।

जब कोई इस देश पर #आंख उठायेगा तो,

हम उसका काम तमाम कर देंगे।।

 

आन देश की ओर #शान देश की

देश की हम सब संतान हैं,

तीन रंगों से रंगा हुआ #तिरंगा

यह हम सब की पहचान हैं।

 

तिरंगा हमारी शान है,

ये हम सब का अभिमान है।

 

मेरे खून के क़तरे क़तरे की

बस यही रवानी है,

मेरी रूह भी वतन के

तिरंगे की दीवानी है।

 

तिरंगे को दिल कर दिया है,

मौक़े पर शान से हर

किसी के हाथ में लहराता है।

 

एक ही तिरंगे के नीचे सारी आवाम हो,

तभी आजाद हिन्द का असल नाम हो।

 

शत शत नमन हैं

उस महान शख्सियत को,

खुद तिरंगा जिसका

कफ़न बनना चाहें।

 

चीर देंगे फाड़ देंगे धरती में गाड़ देंगे,

जो मां भारत पर उंगली उठाएगा,

छाती पर तिरंगा गाड़ देंगे।

 

तुम ज़िस्म भी आकर नोच

लेना मेरी मौत पर,

मेरे जेब मे तुम्हे बस

तिरंगे का कफ़न मिलेगा।

 

खुशनसीब होते हैं वो लोग

जो इस देश पर कुर्बान होते हैं

जान देके भी वो लोग अमर हो जाते हैं

करते हैं सलाम उन देश प्रेमियों को

जिनके कारन इस तिरंगे का मान होता है

 

इतनी सी बात हवाओ को बताये रखना

रौशनी होगी चिरागों को जलाए रखना

लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने

ऐसे तिरंगे को हमेशा अपने दिल में बसाए रखना

 

ये आन तिरंगा है |

ये शान तिरंगा है ||

अरमान तिरंगा है |

अभिमान तिरंगा है ||

मेरी जान तिंरगा है ||

 

कुछ नशा तिरंगे की आन है

कुछ नशा मातृभूमि की शान का है।

हम लहराएँगे हर जगह ये तिरंगा झंडा

नशा ये हिंदुस्तान की शान का है।

 

दे सलामी इस तिरंगे को

जिस से तेरी शान हैं,

सर हमेशा ऊँचा रखना इसका

जब तक दिल में जान हैं..!!

जय हिन्द, जय भारत

 

मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए

बस अमन से भरा यह वतन चाहिए

जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए

और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये

 

अलग है भाषा,

धर्म जात और प्रांत,

पर हम सब का एक है

गौरव राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेष्ठ।

गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई

 

लहराएगा तिरंगा अब सारे आस्मां पर,

भारत का नाम होगा सब की जुबान पर,

ले लेंगे उसकी जान या दे देंगे अपनी जान,

कोई जो उठाएगा आँख हमारे हिंदुस्तान पर

 

मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए

बस अमन से भरा यह वतन चाहिए

जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए

और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये।

 

इतनी सी बात हवाओ को बताये रखना

रौशनी होगी चिरागों को जलाए रखना

लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने

ऐसे तिरंगे को हमेशा अपने दिल में बसाए रखना

 

आज शहीदों ने है तुमको, अहले वतन ललकारा

तोड़ो गुलामी की जंजीरें, बरसाओ अंगारा

हिन्दू-मुस्लिम-सिख हमारा, भाई-भाई प्यारा

यह है आजादी का झंडा, इसे सलाम हमारा

 

तिरंगा है आन मेरी

तिरंगा ही है मेरी शान

तिरंगा रहे सदा ऊंचा हमारा

तिरंगे से है धरती महान मेरी

 

लिपट कर बदन कई

तिरंगे में आज भी आते हैं

यूँ ही नहीं दोस्तों हम आजादी मानते हैं

 

कपडा नहीं है मात्र वो एक छोटा सा मेरे दोस्त

लाखों की कुर्बानी ने उस तिरंगे को सींचा है

 

क्या गजब कहते हो मियां की हमें किसी से इश्क़ नहीं

तुम क्या जानो मेरी हर सांस में ये तिरंगा लहराता है

 

दिल में जोश, खून में रवानी, मुल्क की पहचान है तिरंगे में

न झुका है, न झुकने देंगे, हमारी जान है तिरंगे में

 

भगवे और हरे को एक पट्टे में रहने दो

मेरे हिंदुस्तान को तिरंगा सा रहने दो

 

दे सलामी इस तिरंगे को,

जिस से तेरी शान हैं,

सर हमेशा ऊँचा रखना इसका,

जब तक दिल में जान हैं।

 

कश्मीर में सर्दी नहीं होती, मुंबई में गर्मी में नहीं होती

हम भी घर जाके हर त्यौहार मनाते

अगर हमारे जिस्म में यह वर्दी नहीं होती

 

खूब बहती है, अमन की गंगा बहने दो

मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो

लाल हरे रंग में ना बाटो हमको

मेरे छत पर एक तिरंगा रहने दो

 

भगवा और हरा जब दोनों शांति (सफेद) से

मिलजुल कर रहें तब जा कर तिरंगा बनता है

 

अगर तिरंगा सम्भालने की औकात ना हो तो

26 जनवरी को तिरंगा ना खरीदें क्योंकि

27 जनवरी को रोड पर पड़ा तिरंगा अच्छा नहीं लगता है

 

अस्तित्व हूं आजा़दी का, हूं प्रतीक स्वतंत्र आबादी का

ना जाने कितने इतिहास समेटे बैठा हूं

मेरे अफसानो को गौर से पढ़ो

में स्वतंत्र भारत में गर्व से खड़ा तिरंगा हूं

 Shayari on Indian Flag in hindi

लहराएगा तिरंगा अब नीले आसमान पर

भारत का नाम होगा सबकी जुबान पर

ले लेंगे उसकी जान या दे देंगे

 

तिरंगें से लिपटकर बदन

कई लोग आज भी आते हैं।

तब जाके हमलोग यू ही नहीं

इस आजादी को मनाते हैं।।

 

#दिलों की नफरत को निकालो

वतन के इन 'दुश्मनों' को मारो

ये देश है खतरे में ए -मेरे -हमवतन

#भारत माँ के सम्मान को बचा लो


तिरंगा भी सोचता होगा फहराया कम...

और लपेटा ज्यादा जाता हूँ...!!

लिपट कर #बदन कई तिरंगे में आज भी आते हैं...

यूं ही नहीं दोस्तों हम #आजादी मनाते हैं!!!

 

अब तक जिसका# खून न खौला वो खून नहीं वो पानी है

जो देश के काम ना आये वो बेकार# जवानी है

"बोलो भारत माता की जय"

आओ #झुक कर करें सलाम उन्हें

जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है

कितने #खुशनसीब हैं वो लोग

जिनका खून वतन के काम आता हैं

 

मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए

बस अमन से भरा यह वतन चाहिए

जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए

और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये

कोई वर्दी नहीं जंचती, वसन अच्छा नहीं लगता ।

सितारा साथ हो अगर, कफन अच्छा नहीं लगता ।।

दुनियां के अजनबी हैं हम, इन रंग बिरंगो से।

तिरंगा साथ ना हो तो, वतन अच्छा नहीं लगता।।

 

आज शहीदों ने है तुमको, अहले वतन ललकारा

तोड़ो गुलामी की जंजीरें, #बरसाओ अंगारा

#हिन्दू-मुस्लिम-सिख हमारा, भाई-भाई प्यारा

यह है आजादी का झंडा, इसे सलाम हमारा

खूब बहती है, अमन की गंगा बहने दो…

मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो…

लाल हरे रंग में ना बाटो हमको…

मेरे छत पर एक तिरंगा रहने दो

 

लोगों की DP में तिरंगा लहराया है,

लगता है देशभक्ति का मौसम आया है।

 

मैं तिरंगे का गौरव-गान

गाने आयी आया हूँ,

सबके दिलों में तिरंगा

लहराने आयी आया हूँ।

 

ना हूर चाहिए ना हीर चाहिए ,

माँ भारत का बेटा हूँ,

तिरंगा मिले कफ़न में बस

मुझे ऐसी तक़दीर चाहिए।

 

मेरी पहचान है कि मैं भारतीय हूँ,

और मेरी इबादत मेरा तिरंगा है।

 

आन देश की शान देश की,

देश की हम संतान हैं,

तीन रंगों से रंगा तिरंगा,

अपनी ये पहचान है।

 

उसे मेरी मोहब्बत पर शक था,

और मेरे जहन मे तिरंगा हर वक़्त था।

 

काश तेरी यादें भी

तिरंगे की तरह होती,

साल में दो दिन याद कर,

ख़ुश हो लिया करते।

 

ये इस देश का तिरंगा है,

जिसने हर रंग को अपना बनाया है।

 

रंग हरा हो या हो केसरिया,

इनसे ना अपनी पहचान रख,

है तू अगर सच्चा भारत वासी,

तो अपने दिल में तिरंगा रख।

 

तिरंगें से लिपटकर बदन

कई लोग आज भी आते हैं

तब जाके हमलोग यू ही नहीं

इस आजादी को मनाते हैं

 

इतनी सी बात हवाओ को बताये रखना

रौशनी होगी चिरागों को जलाए रखना

लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने

ऐसे तिरंगे को हमेशा अपने दिल में बसाए रखना |

 

कुछ नशा तिरंगे की आन है

कुछ नशा मातृभूमि की शान का है

हम लहराएँगे हर जगह ये तिरंगा

नशा ये हिंदुस्तान की शान का है

 

मै भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ

यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ

मुझे चिंता नही है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की

तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ


इंडियन होने पर करिए गर्व

मिलके मनाएं लोकतंत्र का पर्व

देश के दुश्मनों को मिल के हराओ

घर घर पर तिरंगा लहराओ

जय हिन्द जय भारत

 

दे सलामी इस तिरंगे को

जिससे तेरी शान है

सर हमेशा ऊँचा रखना इसका

जब तक तुझमें जान है

 

लहराएगा अब तिरंगा सारे आसमान पर

भारत का ही नाम होगा सबकी जुबान पर

ले लेंगे उसकी जान या खेलेंगे अपनी जान पर

कोई जो उठाएगा आँख हिन्दुस्तान पर

 

ज़माने भर में मिलते हैं आशिक कई

मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता

नोटों में भी लिपट कर

सोने में सिमटकर मरे हैं कई

मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता

 

#लाल और हरे को एक पट्टे में रहने दो

मेरे हिंदुस्तान# को तिरंगे# सा रहने दो ।

 

#कश्मीर में सर्दी नहीं होती, मुंबई में #गर्मी में नहीं होती,

हम भी घर जाके हर #त्यौहार मनाते,

अगर हमारे #जिस्म में यह वर्दी नहीं होती..

 

#भगवा और हरा जब दोनों #शांति(सफेद) से

मिलजुल कर रहें तब जा कर #तिरंगा बनता है।

 

अगर तिरंगा सम्भालने की #औकात ना हो तो

#26 जनवरी को तिरंगा ना खरीदें क्योंकि

#27 जनवरी को रोड पर पड़ा तिरंगा अच्छा नहीं लगता है।

 

#अस्तित्व हूं आजा़दी का, हूं प्रतीक #स्वतंत्र आबादी का,

ना जाने कितने इतिहास समेटे बैठा हूं ,

मेरे #अफसानो को गौर से पढ़ो ,

में स्वतंत्र भारत में गर्व से #खड़ा तिरंगा हूं,

 

सो गये जो ओढ़ तिरंगा,

भारत माँ की गोद मे,

होंगे ऐसे वीर पैदा फिर,

सी माँ की कोख में...!!.

 

नई #कहानी लिखकर लौटे आन-बान-सम्मान की,

#अम्बर में लहराए तिरंगा खुश्बू #हिन्दुस्तान की.

 

#मेरे देश तुझको नमन है मेरा,

जीऊं तो जुबां पर नाम हो तेरा

मरूं तो तिरंगा# कफन हो मेरा

 

#चूमा था वीरों ने फांसी का फंदा

यूँ ही नहीं मिली थी #आजादी खैरात में


#लहराएंगे अब तिरंगा हम सब सारे #आसमान पर,

भारत का ही होगा नाम# सबकी जुबान पर।

ले लेंगें हम उनकी जान,

जो आंख उठायेगा #हिंदुस्तान पर।।

 

#लड़े जंग वीरों की तरह,

जब खून खौल #फौलाद हुआ |

मरते दम तक डटे रहे वो,

#तब ही तो देश आजाद# हुआ ||

 

लहराएगा तिरंगा अब सारे आस्मां पर,

भारत का नाम होगा सब की जुबान पर,

ले लेंगे उसकी जान या दे देंगे अपनी जान,

कोई जो उठाएगा आँख हमारे हिंदुस्तान पर।

 

लहराएगा तिरंगा अब सारे आस्मां पर,

भारत का नाम होगा सब की जुबान पर,

ले लेंगे उसकी जान या दे देंगे अपनी जान,

कोई जो उठाएगा आँख हमारे हिंदुस्तान पर।

 

अलग है भाषा,

धर्म जात और प्रांत,

पर हम सब का एक है

गौरव राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेष्ठ।

गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई

 

अलग है भाषा, धरम, जात और प्रान्त, भेष, परिवेश

पर सबका एक है गौरव राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेष्ठ

 

लाल और हरे को एक पट्टे में रहने दो

मेरे हिंदुस्तान को तिरंगे सा रहने दो

 

गूंज रहा हैं इस दुनियां में भारत का नगाड़ा

चमक रहा है आसमान में देश का सितारा

आजादी के दिन हम सब मिलकर करें दुआ

बुलंदी पर लहराता रहे तिरंगा यह हमारा

 

तीन रंग का नही वस्त्र, ये ध्वज देश की शान हैं

हर भारतीय के दिलो का स्वाभिमान हैं

यही है गंगा, यही हैं हिमालय, यही हिन्द की जान हैं

और तीन रंगों में रंगा हुआ ये अपना हिन्दुस्तान हैं

 

मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए

बस अमन से भरा यह वतन चाहिए

जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए

और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये

 

अगर करनी ही है मोहब्बत

तो तिरंगे से कर,

तेरी मौत पर भी साथ होगा

वो तेरा कफ़न बन कर।

 

कफ़न तो हर एक

के नसीब में है,

जो तिरंगे में लिपटे

वो खुशनसीब है।

 

हर रोज न सही मगर

आज तो ये काम करें,

जहाँ भी तिरंगा दिखे

सर उठाकर सलाम करें।

 

कपड़ा नहीं है मात्र वो

एक छोटा सा मेरे दोस्त,

लाखों की कुर्बानी ने

उस तिरंगे को सींचा है।

 

तिरंगा हवाओं से नहीं,

बल्कि

वीरों की सांसो से लहराता है।

 

लोकतंत्र में रहना चाहें

सब अपने अपने ढंग से,

बना रहे हैं अपना तिरंगा

सब अपने अपने रंग से।

 

नोटों पर सोने में भी

वो शान कहाँ,

जो मान तिरंगे में लिपट कर

दफ़न होने में है।

 

ये इस देश का तिरंगा है,

जिसने हर रंग को अपना बनाया है।

 

मेरा तिरंगा रोता होगा

खुद ज़ार ज़ार,

हवा में उड़ता दो बार,

जिस्मों में लिपटता बार बार।

 

मेरे इश्क़ की बस इतनी सी निशानी है,

रगों में लहू भी तीन रंग की कहानी है।

 

वीरों को जो भाता है,

सीने पर लिपटकर आता है,

वीरता की कहानी बताता है,

तिरंगा शौर्य के रंग दें जाता है ।

 

मेरे दिल की यही आवाज़् है,

मुझे अपने तिरंगे पर नाज़ है।

 

मुझे नही चाहत फूलों की सेज की,

ख़्वाहिश है जब आँखे बन्द हों

बाहों में तिरंगा हो।

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