200+ Ruthe Pyar ko Manane ki Shayari - रूठे प्यार को मनाने की शायरी

दोस्तों, क्या आप जिनसे प्यार करते है वह आपसे रूठ गए है तो चिंता मत करे। आज हम इस पोस्ट हम आपके साथ रूठे प्यार को मानाने वाली शायरी शेयर कर रहे है। आप इन शायरी को अपने उनके  साथ शेयर कर सकते है। और उम्मीद है कि उनकी नाराज़गी भी ख़तम हो जाएगी। 

रूठे प्यार को मनाने की शायरी

रूठे प्यार को मनाने की शायरी - Ruthe Pyar ko Manane ki Shayari

नाराज हो कर गई हो,

तुमसे मिलना और मिलकर बिछड़ना

हमारा नसीब था ।।

आजा सनम – हम चाह के भी कुछ न कर सके

दिल जलता रहा और समंदर करीब था ।।


प्यार करो तो जी भर के करो,

लेकिन उम्मीद मत रखो !!

क्यूंकि तकलीफ मोहब्बत नहीं,

उम्मीदें देती है दोस्त…


नाराज़गी नहीं है कोई मै किससे

शिकायत करूँ,

ये रूठने मनाने

की रस्म तो अपनों में हुआ करती है !


तुम नाराज ना हो मुझसे,

मैं मानता हूँ इसमें मेरी ही खता है,

खामोश रहती हो तो दिल तड़पता है,

तुम्हें भी तो मेरा हाल ए दिल पता है।


रूठने-मनाने का,

सिलसिला कुछ यू हुआ।

मान गया था मगर,

फिर रूठने का दिल हुआ।।


दिल्लगी तक तो ठीक था

लेकिन ये ठीक नहीं

दूर रह कर कहती हैं

क्या मैं तुम्हारे पास नहीं


मुद्दतों बाद आज फिर परेशान

हुआ है दिल,

जाने किस हाल में होगा मुझसे

रूठने वाला….


रूठ जाओ कितना पर मना लेंगे,

दूर जाओ कितना भी बुला लेंगे,

दिल आखिर दिल है कोई सागर की रेत तो नहीं,

जो लिख के नाम आपका मिटा देंगे


तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी,

तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी,

क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर,

जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी।


दिल से तेरी याद को जुदा तो नहीं किया,

रखा जो तुझे याद कुछ बुरा तो नहीं किया,

हम से तू नाराज़ हैं किस लिये बता जरा,

हमने कभी तुझे खफा तो नहीं किया।


प्यार मिटता नहीं,

मिटने के काबिल बना देता है.

प्यार मरता नहीं,

मरने के काबिल बना देता है.

दिल दे कर जानते है लोग एक बात जो पुरानी है

कहते जिसको इश्क वो ज़हर का पानी है.


नाराजगी भी एक प्यार है

तेरे हिस्से की सारी बातें, बचा के रखी है. हमने* जब शहर खुलेगा तो

खुलकर बातें करेंगें***


नाकाम थीं मेरी सब कोशिशें उस को मनाने की

पता नहीं कहां से सीखी जालिम ने अदाएं रूठ जाने की


दिल से तेरी याद को जुदा तो नहीं किया,

रखा जो तुझे याद कुछ बुरा तो नहीं किया,

हम से तू नाराज़ हैं किस लिये बता जरा,

हमने कभी तुझे खफा तो नहीं किया


तू रूठा तो मेरी किस्मत रूठ जाएगी,

मोहब्बत की कहानी,

शुरू होने से पहले,

खत्म हो जाएगी,


तू नाराज है***

**मुलाकातों की हमें जरुरत नहीं?

हमारे दिल में रहो इतना काफी है…


यूँ तो….. प्यार की हर अदा निराली हैं

पर रुठने मनाने की अदा सबसे आली हैं


हो सकता है हमने आपको कभी रुला दिया,

आपने तो दुनिया के कहने पे हमें भुला दिया,

हम तो वैसे भी अकेले थे इस दुनिया में,

क्या हुआ अगर आपने एहसास दिला दिया।


कब तक रह पाओगे आखिर यूँ दूर हमसे,

मिलना पड़ेगा कभी न कभी ज़रूर हमसे,

नज़रें चुराने वाले ये बेरुखी है कैसी,

कह दो अगर हुआ है कोई कसूर हमसे।


निकला करो इधर से भी होकर कभी कभी,

आया करो हमारे भी घर पर कभी कभी,

माना कि रूठ जाना यूँ आदत है आप की,

लगते मगर हैं अच्छे ये तेवर कभी कभी।


हमसे कोई खता हो जाये तो माफ़ करना,

हम याद न कर पाएं तो माफ़ करना,

दिल से तो हम आपको कभी भूलते नहीं,

पर ये दिल ही रुक जाये तो माफ़ करना।


इस कदर मेरे प्यार का इम्तेहान न लीजिये,

खफा हो क्यूँ मुझसे यह बता तो दीजिये,

माफ़ कर दो गर हो गयी हो हमसे कोई खता,

पर याद न करके हमें सजा तो न दीजिये।


अलविदा कहने की जरुरत पड़ गई,

मेरी जान मुझसे रूठी है,

इसलिए मरने की चाहत जाग गई,


गुस्से में कभी इंकार करती हो,

कभी इकरार करते हो, मतलब साफ जाहिर है,

दिल में हमसे प्यार करते हो !!


धड़कन बनके जो दिल में समा गए हैं,

हर एक पल उनकी याद में बिताते हैं,

आंसू निकल आये जब वो याद आ गए,

जान निकल जाती है जब वो रूठ जाते हैं !


हर बार रिश्तों में और भी मिठास आई है,

जब भी बाद रूठने के तू मेरे पास आई है।


प्यार भी फूल की तरह है,

कभी खिलती है कभी मुरझाती है!!

फूल है गुलाब का खुसबू लिया करों,

खत है तुम्हारे प्यार का जवाब दिया करों!!


मारने की कोशिश नहीं करते,

मरना तो आसान है,

लेकिन तेरे बिन जीना मुश्किल है,


जाने मन यह छेड़ना अच्छा नहीं!

हमें भी कर बैठें न गुस्ताखी कहीं !


रूठी हुई मौसम और जलती हुई तन्हाई जरा,

दुनिया से क्यों हम डरते है,

ये मौका है मिलने का जानू ,

लगी दिल की – बुझा तो जरा!!


उन्हें रूठने में वक़्त नहीं लगता

मेरे पास वक़्त नहीं मानाने को !


रुठने मनाने के फलसफे से तंग आ गया हूँ,

ऐसा कर ए मोहब्बत, अब तू मेरा हिसाब कर दे..!!


वादा है तुमसे,

तेरा साथ निभाउंगा,

रूठ कर तुमसे,

कभी दूर ना जाउँगा,


कब तक रह पाओगे आखिर यूँ दूर हमसे,

मिलना पड़ेगा कभी न कभी ज़रूर हमसे,

नज़रें चुराने वाले ये बेरुखी है कैसी,

कह दो अगर हुआ है कोई कसूर हमसे।


हम पे यकीं कर,

यूँ रूठ के ना जा,

तुझे मेरी है कसम,

वापस लौट के आ,


तेरा रूठना कातिलाना है,

इरादा क़त्ल का था,

तो मेरा सर कलम कर देते,

क्यू इश्क़ में डाल कर ,

तूने हर साँस पर मौत लिख दी….. ?


नाराज क्यूँ होते हो किस बात पे हो रूठे,

अच्छा चलो ये माना तुम सच्चे हम ही झूठे,

कब तक छुपाओगे तुम हमसे हो प्यार करते,

गुस्से का है बहाना दिल में हो हम पे मरते !


नहीं करते तुम से मोहब्बत,

जे सोच ना लेना,

हमसे खफा हो कर,

दूर ना हो जाना,


हर घड़ी का ये बिगड़ना नहीं

अच्छा ऐ जान…

रूठने का भी कोई वक़्त मुक़र्रर

हो जाए !


कितनी बातें, जो आती आधी रात कहने को तुम्हे,

उन् ख्वाबो में जिनमे तू करती बात,

मुझे मनाने की कभी ना छोड़ के जाने की


मैनें माना मेरी गलती है,

पर रूठ कर हमसे नज़रें चुराया ना करो,

हमारे मायूस से चेहरे को देखकर,

छुप-छुप कर यूँ मुस्कुराया ना करो।


मुद्दतों बाद आज फिर परेशान हुआ है दिल,

जाने किस हाल में होगा मुझसे रूठने वाला !


फरियाद सुनता नहीं मेरी, रब भी हमसे रुठ गया,

तू रूठा जबसे, मेरी किस्मत का तारा टूट गया,


आज खुद को भुलाने को जी कर रहा है,

बेवजह रूठ जाने को जी कर रहा है,

तुम्हे वक़्त शायद मिले न मिले,

आज खुद को मनाने को जी कर रहा है !


हो कर जुदा तुमसे रह नहीं सकता,

रूठ कर तुमसे दूर जा नहीं सकता,

ऐ मेरे सनम, तेरे बिन मैं जी नहीं सकता,


यकीं नहीं मुझ पे, जो तुम मुझे छोड़ गए,

कौनसी खता हुई हमसे जो तुम हमसे रूठ गए,


न तेरी शान कम होती न रुतबा ही घटा होता,

जो गुस्से में कहा तुमने वही हँस के कहा होता।


बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से,

हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से,

तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले,

कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से।


माना हमसे कोई खता हो गई,

पर खफ़ा होकर हमसे यूँ ना रूठी रहो,

तुम्हारे लिये हमारी जान भी हाज़िर है सनम,

हमसे अपने दिल के अरमान तो कहो।


अगर तुम ढूँढोगेन तो ही रास्ते मिलेंगे ना!

मंजिल की फितरत है, मेरे दोस्त,

खुद चलकर नहीं आती!!!


जब तुम रूठ जाते हो, तो और भी हसीन लगते हो।

यही सोचकर तुम्हे मनाने का मन नही करता।


छोटी छोटी बातों पे जो रूठ जाते है,

सच कहते है दुनिया वाले, वो बड़े बेरहम होते है


तुम तरकीब निकालते हो दिल जलाने की,,

हम तरकीब निकालते है तुम्हे मनाने की.


रुसवा ना हो जाए मेरी मोहब्बत,

इस बात का ख्याल रखता हूँ,

इस लिए मैं,

महफ़िल में हस्ता हूँ,

और तन्हाईयों में रो लेता हूँ,


तू नाराज है मुझसे,

बेवजह है तभी तो तुमसे मोहब्बत है,

अगर वजह होती तो साजिस होती!!


रूठने-मनाने का, सिलसिला कुछ यू हुआ।

मान गया था मगर, फिर रूठने का दिल हुआ।।


हो सकता है हमने आपको कभी रुला दिया,

आपने तो दुनिया के कहने पे हमें भुला दिया,

हम तो वैसे भी अकेले थे इस दुनिया में,

क्या हुआ अगर आपने एहसास दिला दिया !


जिंदगी में नाराजगी हमेशा खुशियां ही होती है !!

ग़मों के आज भी इतने नखरें नहीं रहे !!

नखरें नहीं रहे !!


रूठ के गई हो -उठ के आजा सनम?

है यहीं दिल की तमन्ना, चाहना बस यहीं।

बिछड़ी हुई चाँदनी हो- सुन्दर सुहानी रात हो।

बाँहें गर्दन में हो तुम्हारे और कमर में हाँथ हो ,

मीठी -मीठी बात हो – है यहीं दिल की तमन्ना,

बहाना बस है नहीं !!


ज़माने से रुठने की जरूरत ही क्यों हो

जब मेरे अपने ही मेरे बने रकीब हो !


गर खता है हमारी तो सज़ा दीजिए

बस एक बार हुज़ूर पर मुस्कुरा दीजिए।


गुलाब से भी कोमल तेरा ये जिस्म

ये झील के तरह नी ले आँखें,

ख़ूबसूरती की मूरत हैं तू

फिर क्यों दुनिया से डरती हैं तू !


ग़र कटती हें उम्र तुम्हे मनाने मेँ,

तो कट जाने दो,

वैसे भी बिन तुम्हारे जिंन्दगी भी कंहा जिंदगी हें !


इम्तिहान किस चीज़ का ले रहे हो तुम हमसे

कितना दर्द दिया तुमने मुझे खामोशी से

एक बार बात करो हमसे

बहुत कुछ कहना बाकी हैं तुमसे !


ख़ता की सज़ा की कर ही दीजिए सुनवाई,

आपके चेहरे पे अच्छी नहीं लगती ये रुसवाई।


उफ़ —उसके रूठने की अदाये भी गजब

की थी…

बात बात पे कहना की ” सोच लो फिर बात

नहीं करुँगी ”


तुम हँसते हो मुझे हँसाने के लिए,

तुम रोते हो तो मुझे रुलाने के लिए,

तुम एक बार रूठ कर तो देखो,

मर जायेंगे तुम्हें मनाने के लिए।


ज़माने से रुठने की जरूरत ही क्यों हो

जब मेरे अपने ही मेरे बने रकीब हो


तू जो रूठ्ने लगा है

दिल टूटने लगा है

अब सब्र का भी दामन

मुझसे छूटने लगा है


नाराज क्यूँ होते हो किस बात पे हो रूठे,

अच्छा चलो ये माना तुम सच्चे हम ही झूठे,

कब तक छुपाओगे तुम हमसे हो प्यार करते,

गुस्से का है बहाना दिल में हो हम पे मरते।


आज मैंने खुद से एक वादा किया है,

माफ़ी मांगूंगा तुझसे तुझे रुसवा किया है,

हर मोड़ पर रहूँगा मैं तेरे साथ साथ,

अनजाने में मैंने तुझको बहुत दर्द दिया है।


दिल से तेरी याद को जुदा तो नहीं किया,

रखा जो तुझे याद कुछ बुरा तो नहीं किया,

हम से तू नाराज़ हैं किस लिये बता जरा,

हमने कभी तुझे खफा तो नहीं किया।


तुम हँसते हो मुझे हँसाने के लिए,

Tum रोते हो तो मुझे रुलाने के लिए,

तुम एक बार रूठ कर तो देखो,

मर जायेंगे तुम्हें मनाने के लिए !


तुम रूठो तो तुम्हे मनाने आ जाएंगे

कई हम रूठे भी तो बताओ किस के भरोसे….


हमसे रूठ ना जाना,

मेरी किस्मत रूठ जाएगी,

ज़िन्दगी हो तुम मेरी,

मेरी सांसे टूट जाएगी,


इश्क़ मोहब्बत में कहाँ कोई,

उसूल होता है, यार चाहे जैसे भी हो,

बस कबुल होता है?


उनका नाराज़ होना भी हसीन लगता हैं

कही दूर न चले जाये इसका भी डर लगता हैं


मेरी ज़िन्दगी में खुशियाँ तेरे बहाने से हैं….

आधी तुझे सताने से हैं आधी तुझे मनाने से हैं…


जो मनाए ना वो प्यार कैसा

गर जताए ना तो वो यार कैसा


रब रुठे चाहे सारा जग छूट जाए,

मेरे यार तुम ना रूठ जाना,

ज़िन्दगी भर साथ देने का वादा करके,

मेरा साथ ना छोड़ जाना


जरुरी नहीं की – जी. फ और बी फ ‘हो,

कुछ बेस्ट फ्रेरेंड भी होते है !!


रूठे हुए को मना लेंगे हम

बीते हुए दिनों को भुला देंगे हम

चले नई शुरवात करते हैं

दुनिया के कायदे तोड़ कर जिंदगी जीते हैं


वक्त कम है साथ बिताने के लिए

इसको ना गंवाना रूठने मनाने के लिए

मेरे मेहबूब प्यार कर लिया हमने

आपसे बस थोड़ा साथ देना इसको निभाने के लिए

रूठे प्यार को मनाने की शायरी

सब कुछ पा ;लिया है बस तुझे पाना बाकी।

सब कुछ है घर में बस तेरा आना बाकी है !!


तेरे आंसू भी मेरे लिए कीमती हैं

अब तो मान जा क्यों तू इतनी ज़िद्दी हैं


रूठने का हक़ है तुझे, वजह बताया कर।

ख़फ़ा होना गलत नही, तू खता बताया कर।


जो वादा किया,

वो वादा पूरा कर जाना,

मेरी मौत के आखरी पल तक,

साथ निभा जाना,


अपने दिल की सारी बातें तुम्हें खुल कर सुना दूंगा,

तुम रूठे तो हो पर ऐसे, तुम्हें मैं दो पल में मना लूंगा।


बिन बात के ही रूठने की आदत है,

किसी अपने की चाहत पाने की चाहत है,

आप खुश रहें, मेरा क्या है,

में तो आईना हूँ मुझे टूटने की आदत है।


इंसान कभी इंसान को धोखा नहीं देता है.

बल्कि उम्मींदें धोखा दे जाती है,

जो की आप दूसरों से करते हो!!


सारी उम्र करते रहे इंतज़ार तेरे रुठने का

कभी तो मौका दिया होता तूने मनाने का !


बहाने बनाना कोई उनसे सीखे,

बनाकर मिटाना कोई उनसे सीखे,

सबब रूठने का भी होता है लेकिन,

यूं ही रूठ जाना कोई उनसे सीखे !


दिल रो रहा है तेरे दूर जाने से,

क्यों नहीं आता तू मेरे बुलाने से,

माफ़ी माँग लूँगी तुझसे,

बस एक बार आजा तू किसी बहाने से !!


गलती एक करी थी उसने जो हमने सची मानी थी,

हमने जाने को कहा और उसने रुठने की ठानी थी़ !


रूठने की कोई…….दास्ताँ रही होगी

यकीनन कोई …….. खता रही होगी

तुमने सलाम नहीं लिया होगा उनका

यही तो बात दिल को सता रही होगी


तेरे आखो से एक आंसू गिरता हैं

तो इस दिल को दर्द होता हैं

कही तुझे दर्द न हो

तेरे दर्द की दुआ भी ये दिल मांग लेता हैं !


दर्द दिल का, यारों को पता होता है,

दूर होने का गम क्या होता है,

यारों को पता होता है,


तुम हंसती हो मुझे हसाने के लिए,

तुम रोती हो मुझे रुलाने के लिए।

एक बार तो रुठ के देखो,

मर जाएंगे तुम्हे मनाने के लिए।।


कास मैं इससे अच्छा,

हम चाँद से मोहब्बत कर लेता!!

लाख दूर सही कम से कम दिखाई तो देता !!!


रूठ कर यार कभी दूर नहीं होते,

जरुरत जब भी पड़ी,

बोलने से पहले,

यार साथ है होते खड़े,


रूठे हुये हो क्यों में मनाने को हु तैयार

कीमत बता दो मान जाने की में जिन्दगी लुटाने को हु तैयार


सोच रखी है बहुत सी बातें तुम्हे सुनाने के लिए….!!!

लेकिन तुम हो के आते ही नही हमे मनाने के लिए….!!!


यारों की यारी पे कभी शक नहीं करते,

छोटी छोटी बातों से,

दूर नहीं हुआ करते,


तुम हमसे नाराज हो, और खपा हो,

तो शिकायत करो हमसे युहीं खामोश,

रहने से दिलों की दूरियां मिटा नहीं करते !!


तुझे खबर भी है इसकी ओ रूठने वाले,

तुम्हारा प्यार ही मेरा कीमती खजाना था


हम रूठे भी तो किसके भरोसे रूठें,

कौन है जो आयेगा हमें मनाने के लिए,

हो सकता है तरस आ भी जाये आपको,

पर दिल कहाँ से लायें आपसे रूठ जाने के लिये।


तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी,

तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी,

क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर,

जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी।


धड़कन बनके जो दिल में समा गए हैं,

हर एक पल उनकी याद में बिताते हैं,

आंसू निकल आये जब वो याद आ गए,

जान निकल जाती है जब वो रूठ जाते हैं।


रूठने की कोई…….दास्ताँ रही होगी

यकीनन कोई …….. खता रही होगी

तुमने सलाम नहीं लिया होगा उनका

यही तो बात दिल को सता रही होगी


रूठे हुए को मना लेंगे हम

बीते हुए दिनों को भुला देंगे हम

चले नई शुरवात करते हैं

दुनिया के कायदे तोड़ कर जिंदगी जीते हैं


तेरे आखो से एक आंसू गिरता हैं

तो इस दिल को दर्द होता हैं

कही तुझे दर्द न हो

तेरे दर्द की दुआ भी ये दिल मांग लेता हैं


नाराज़गी नहीं है कोई … मै किससे

शिकायत करूँ! . . . .

ये रूठने मनाने

की रस्म तो अपनों में हुआ करती है!!


जंग न लग जाये दोस्ती को कहीं,

रूठने मनाने के सिलसिले जारी रखो !


यूँ रहा रुठने-मनाने का सिलसिला तेरी बेरुखी भी अब वफ़ा लगती है !!


यकीन नहीं तो आजमाके देख ले,

दर्द तेरी जुदाई का है, तू पास आके देख ले,


ना कर हमको बेक़रार,

यूँ हमसे रुठ कर ना जा,

दिल के अरमान ऐसे,

तोड़े कर ना जा,


तू रूठे हजारों बार फिर भी मना,

लूँगा तुझे – मगर देख मोहब्बत के ,

बिच कोई दूसरा न आजाये !!


प्यार मिटता नहीं,

मिटने के काबिल बना देता है.

प्यार मरता नहीं,

मरने के काबिल बना देता है.

दिल दे कर जानते है लोग एक बात जो पुरानी है

कहते जिसको इश्क वो ज़हर का पानी है.


शहर में वो मजा नही है

क्योकि तेरी रुठने मनाने की सज़ा नही है


होते होते मोहब्बत हो गई,

अब मुझे छोड़ के दूर ना जाना,

हमसे कोई गलती हुई तो

मुझे माफ़ कर देना,


जिंदगी के कुछ पल तो युहीं गुजर जायेंगे

तेरे प्यार में कुछ खोकर कुछ पाएंगे,

हम आज यहां है कल दूर चले जायेंगे,

पर वादा है सनम तुम्हारे इनबॉकस में जरूर

आएंगे !!!


हर बार मेरी जिंदगी में और रिश्ते में,

वो मिठास आई है, जब भी रूठने के,

बाद तू मेरे पास आई है !!


हमसे कोई खता हो जाये तो माफ़ करना,

हम याद न कर पाएं तो माफ़ करना,

दिल से तो हम आपको कभी भूलते नहीं,

पर ये दिल ही रुक जाये तो माफ़ करना !


यार मेरे तू मुझसे ना रूठ जाया करो,

मेरा दिल नहीं लगता तेरे बिना,

मुझसे दूर ना जाया करो,


उससे, खफ़ा होकर भी देखेंगे, एक दिन..

कि, उसके मनाने का अंदाज़ कैसा है..!


जिंदगी में खुशियॉ इतनी,

हो की आँखों में आंसू जम जाये!!

कुछ लम्हें इतनी हसींन हो की,

वक़्त भी ठहर जाये,

हम दोस्ती निभाएंगे आपसे

इस तरह की साथ गुजरा,

वो हर पल जिंदगी बन जाये!!


खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो,

दिल में इतना दर्द क्यूँ है वजह बता दो,

देर हो गयी याद करने में जरूर,

लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो !


निकला करो इधर से भी होकर कभी कभी,

आया करो हमारे भी घर पर कभी कभी,

माना कि रूठ जाना यूँ आदत है आप की,

लगते मगर हैं अच्छे ये तेवर कभी कभी !


ज़िन्दगी है मेरी यारों के साथ,

में ज़िन्दगी कैसे छोड़ दूँ,

रूठे चाहे दुनिया सारी,

यारों से ना रूठूँ,


जब से तू रूठ कर,

मुझसे दूर हो गया,

सच कहता हूँ मेरे यार,

मैं तन्हाइयों में खो गया,


और कितना दर्द का एहसास दीलौंगे मुझे

शायद अभी तक तसल्ली नहीं हुई होगी तुझे


जख्म दिल के बड़े दर्द देते है,

नजर किसी को आता नहीं,

बस दिल ही दिल में अश्क बहाते है,

दुनिया के सामने रुस्वा न हो जाए उनकी मोहब्बत,

इस लिय हस हस कर बात करते है,


खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो,

दिल में इतना दर्द क्यूँ है वजह बता दो,

देर हो गयी याद करने में जरूर,

लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो।


बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से,

हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से,

तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले,

कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से।


बस एक यही आदत तो मेरी खरा़ब है …

रूठने के लिये ना जाने कितने बहाने चाहिये

और मान जाने के लिये …तेरा बोलना ही काफी है …


गुलाब से भी कोमल तेरा ये जिस्म

ये झील के तरह नी ले आँखें,

ख़ूबसूरती की मूरत हैं तू

फिर क्यों दुनिया से डरती हैं तू


इम्तिहान किस चीज़ का ले रहे हो तुम हमसे

कितना दर्द दिया तुमने मुझे खामोशी से

एक बार बात करो हमसे

बहुत कुछ कहना बाकी हैं तुमसे


बिन बात के ही रूठने की आदत है,

किसी अपने की चाहत पाने की चाहत है,

आप खुश रहें, मेरा क्या है,

में तो आईना हूँ मुझे टूटने की आदत है।


हर घड़ी का ये बिगड़ना नहीं

अच्छा ऐ जान…

रूठने का भी कोई वक़्त मुक़र्रर

हो जाए…


कहते हो किसी को दिल से तो कहना तो होगा,

इकरार मिले या इंकार अंजाम सहना तो होगा.

वो एक समुन्दर है आग का,

नाव भले ही मोम की हो बहना तो होगा.


लैला मजनू के किस्से पुराने हो गए,

प्यार, इश्क, मोहब्बत सिर्फ अफ़साने हो गए.

आज हर रोमियो के पास कई जूलियट है,

और हर शमा के कई परवाने हो गए.


खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो,

दिल में इतना दर्द क्यूँ है वजह बता दो,

देर हो गयी याद करने में जरूर,

लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो।


कभी सपने को भी दिल से लगाया करो,

किसी के ख्वाबों में आया-जाया करो,

जब भी जी हो कि कोई तुम्हें भी मनाये,

बस हमें याद करके रूठ जाया करो।


सारी उम्र करते रहे इंतज़ार तेरे रुठने का

कभी तो मौका दिया होता तूने मनाने का


धड़कन बनके जो दिल में समा गए हैं,

हर एक पल उनकी याद में बिताते हैं,

आंसू निकल आये जब वो याद आ गए,

जान निकल जाती है जब वो रूठ जाते हैं।


इस कदर हमें अकेले छोड़ जाने की

सजा जरुर पाओगे,

इस कदर हमें अकेले छोड़ जाने की

सजा जरुर पाओगे,

आगे रास्ता खुदा हुआ है,

फिर ‘यू’-टर्न मारकर चले आओगे


इस कदर हम यार को मनाने निकले

उसकी चाहत के हम दिवाने निकले..

जब भी उसे दिल का हाल बताना चाहा

उसके होठों से वक़्त न होने के बहाने निकले..


साँसे थम सी गई हैं तुम्हारे जाने से,

अब लौट भी आओ किसी बहाने से।


रूठ जाने से पहले,

मेरी मोहब्बत को याद कर लेना,

गुसा कम ना हुआ तो,

दूर जा कर देख लेना,

तुझे मेरी मोहब्बत मेरे पास ले आएगी,

दूर जा कर मुझसे,

चैन से ना रह पाएगी


दिल खामोश तड़प रहे है

हम तुमसे एक अल्फाज के लिए,

तोड़ दो खामोशी हमें जिन्दा रखने के लिए!!


हम रूठे भी तो किसके भरोसे रूठें,

कौन है जो आयेगा हमें मनाने के लिए,

हो सकता है तरस आ भी जाये आपको,

पर दिल कहाँ से लायें आपसे रूठ जाने के लिये !


मोहब्बत आजमानी हो तो बस इतना ही काफी है,

जरा सा रूठ कर देखो मनाने कौन आता है…


तेरे रूठने से अब टूट गया है

दिल बवाल क्या करें ,

खुद ही किया था पसंद उसको,

अब सवाल क्या करें। …


छोड़ो ये गुस्सा चलो कुछ इश्क़ के गीत गाते हैं

हमेशा याद रह जाये कुछ ऐसा कर जाते हैं


रूठने की कोई दास्ताँ रही होगी

यकीनन कोई खता रही होगी

तुमने सलाम नहीं लिया होगा उनका

यही तो बात दिल को सता रही होगी !


वो रूठे तो सही हम मनाने का वादा करते है,

दिल तोडना है मेरा तो बेशक तोड़ दे

वो इस दिल के बिना भी हम उनको

चाहने का वादा करते है


रुक जा सनम,

यूँ रूठ के ना जा,

तुझे मेरी है कसम,

लौट के वापस आ..


लड़ना तो तुझसे सिर्फ एक बहाना है!

असलियत में तो मुझे तेरे साथ वक़्त बिताना है !!


तेरी खुशी के लिए बहुत मेहनत करते हैं हम

आप हो के नाराज़ होने का कोई मौका नहीं छोड़ते


इतना भी मत रूठ जाओ मेरे यार की…..

मेरे दोस्त,, मेरा भी दिल टूट जाये,

हम इतना भी बेदर्दी नहीं है की….

तुम्हे दर्द दे कर चुप चाप रह जाये !!!


दिल्लगी तक तो ठीक था

लेकिन ये ठीक नहीं

दूर रह कर कहती हैं

क्या मैं तुम्हारे पास नहीं


यूँ तो….. प्यार की हर अदा निराली हैं

पर रुठने मनाने की अदा सबसे आली हैं


बिगड़ी हुई तक़दीर को सवारने में लगा हूँ,

मेरी खुशी मुझसे रूठी है, में मानाने में लगा हूँ, 

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